swm news: नर्सरियों में पौधों का अंबार: बरसात की देरी से हरियाली का सपना अधूरा смотреть онлайн

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22.57 लाख पौधारोपण का विशाल लक्ष्य, विभागों पर जिम्मेदारी का पहाड़ और समय की चुनौती सवाईमाधोपुर. मानसून की देरी ने जिले की नर्सरियों में तैयार लाखों पौधों के वितरण पर चोट की है। आलनपुर से लेकर गंगापुर सिटी तक फैली नौ नर्सरियों में नीम, पीपल, बरगद, शीशम, गुलमोहर और अमरूद जैसे पौधे कतार में खड़े हैं, लेकिन बारिश न होने से लोग इन्हें लेने से बच रहे हैं। हरियाली का सपना फिलहाल सूखे बादलों में अटका पड़ा है। उधर, प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सभी विभागों को समय रहते पौधारोपण की तैयारियां पूरी करने पर जोर दिया है लेकिन अब तक बारिश का इंतजार है। लक्ष्य की तुलना में बेहद कम लगे पौधे राज्य सरकार ने इस मानसून में सवाईमाधोपुर जिले को 22.57 लाख पौधारोपण का लक्ष्य सौंपा है। जिले में अब तक 5 लाख 63 हजार 343 गड्ढों की खुदाई की जा चुकी है। विभिन्न विभागों से वन विभाग की नर्सरियों से 1 लाख 38 हजार 139 पौधे तथा अन्य नर्सरियों से 18 हजार 783 पौधे प्राप्त किए जा चुके हैं। वर्तमान तक 56 हजार 217 पौधे लगाए जा चुके हैं तथा 23 हजार 871 पौधों की जियोटैगिंग भी की जा चुकी है। किस विभाग को कितने पौधों का लक्ष्य इसमें पंचायत राज विभाग को 9 लाख, शिक्षा विभाग को 4.52 लाख, प्रदूषण नियंत्रण मंडल को 2.50 लाख, वन विभाग को 1.55 लाख, स्वायत्त शासन विभाग को 1.08 लाख, चिकित्सा विभाग को 1500, महिला अधिकारिता को 4641, पीएचईडी को 15 हजार, विद्युत विभाग को 10 हजार, पीडब्ल्यूडी को 20 हजार, एनएच को 4 हजार, रिडकॉर को 11 हजार, जल संसाधन खण्ड को 15 हजार, जलग्रहण विकास एवं भू‑संरक्षण विभाग को 10 हजार 500, प्राधिकरण यूआईटी को 1 लाख, खान एवं भू‑विज्ञान विभाग को 25 हजार, गृह विभाग पुलिस को 10 हजार, कारागृह को 5500, राजस्व विभाग को 4868, पशुपालन को 5 हजार, जिला खेल अधिकारी को 4500, कृषि विभाग को 30 हजार, उद्योग विभाग को 1200, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को 56 हजार 764, सहकारिता विभाग को 12 हजार 200, आईसीडीएस को 10 हजार, बीमा निगम को 1800, परिवहन विभाग को 7500, आयुर्वेद विभाग को 2000, श्रम विभाग को 2000, आरएसआरडीसी को 5000 और उद्यानिकी विभाग को 50 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया है। नर्सरियों में पौधों का अंबार, बरसात का इंतजार आलनपुर नर्सरी में 3.62 लाख, चौथ का बरवाड़ा में 1.30 लाख, भगवतगढ़ में 1 लाख, मलारना डूंगर में 1.20 लाख, कुशलपुरा में 50 हजार, गुप्तेश्वर में 1.40 लाख, सिंथोली में 1.40 लाख, गंगापुर सिटी में 2.70 लाख और टटवाड़ा में 1 लाख पौधे तैयार हैं। इन नर्सरियों में नीम, पीपल, बरगद, शीशम, रोहिड़ा, अमरूद, अर्जुन, इमली, गुलमोहर, सिरस, करंज सहित विभिन्न फलदार, छायादार और औषधीय प्रजातियों के पौधे उपलब्ध हैं। लेकिन बारिश न होने से वितरण की गति बेहद धीमी है और पौधे गोदामों में ही अटके पड़े हैं। जिले में अब तक 5.63 लाख गड्ढों की खुदाई हो चुकी है। वन विभाग की नर्सरियों से 1.38 लाख पौधे और अन्य नर्सरियों से 18 हजार पौधे विभागों ने प्राप्त किए हैं। हर पौधे की जियोटैगिंग जरूरी इस बार हर पौधे की जियोटैगिंग हरियालो राजस्थान मोबाइल एप से अनिवार्य रूप से होगी। साथ ही पिछले वर्ष लगाए गए पौधों की री‑जियोटैगिंग कर उनकी जीवितता भी अपडेट करने के भी निर्देश दिए है। पौधारोपण के बाद नियमित मॉनिटरिंग कर पौधों के संरक्षण और रखरखाव पर विशेष ध्यान जोर दिया है। इनका कहना है.... वन विभाग की नर्सरियों में वितरण का कार्य किया जा रहा है। बारिश नहीं होने से वितरण की गति थोड़ी धीमी है लेकिन बारिश होने के बाद कार्य में तेजी आएगी। सभी विभाग अपने-अपने लक्ष्य के अनुरूप नर्सरियों से पौधे प्राप्त कर सकते है। सुनील कुमार, उप वन संरक्षक सामाजिक वानिकी, सवाईमाधोपुर Рекомендуем swm news: नर्सरियों में पौधों का अंबार: बरसात की देरी से हरियाली का सपना अधूरा посмотреть онлайн видео бесплатно и без регистрации!

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