swm: विकास के नाम पर हरियाली का सफाया, स्वास्थ्य पर मंडराया खतरा смотреть онлайн
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सवाईमाधोपुर. शहर में विकास कार्यों के नाम पर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई ने पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। ट्रक यूनियन और डिस्पेंसरी क्षेत्र से लेकर बजरिया तक, दर्जनों पेड़ बिना ठोस कारण के काट दिए हैं। प्रशासन की ओर से न तो पुनःरोपण की कोई स्पष्ट नीति सामने आई है और न ही कटे हुए पेड़ों की लकड़ी का पारदर्शी विवरण उपलब्ध कराया गया है। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की खुलेआम अनदेखी और नागरिकों की लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना प्रशासन की नीयत पर सवाल खड़े कर रहा है। इस स्थिति ने स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। जागरूक नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं के विरोध के बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी और ठेकेदार हरे-भरे पेड़ों को हटाने में लगे हैं। लकड़ी के उपयोग पर भी उठे सवाल एडवोकेट मुकेश भूप्रेमी, पार्षद राजेश पहाड़िया, रत्नाकर गोयल, प्रभात शंकर उपाध्याय, अवधेश शर्मा, यशवंतपुर प्रेमी, अजय शर्मा, अशोक शर्मा, दिनेश शर्मा, रामावतार चौधरी ने बताया कि कटे हुए पेड़ों की लकड़ी को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। लकड़ी का स्टॉक पारदर्शी तरीके से दर्ज नहीं किया जा रहा और न ही उसकी सार्वजनिक जानकारी दी जा रही है। इससे अवैध विक्रय की आशंका गहराती जा रही है। पुनःरोपण नीति पर सवाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि काटे गए पेड़ों के स्थान पर नए पेड़ लगाने की कोई स्पष्ट नीति प्रशासन के पास है या नहीं। न तो कोई लिखित योजना सार्वजनिक की गई है और न ही यह बताया गया है कि नए पौधे कहां लगाए जाएंगे और उनकी निगरानी कौन करेगा। इससे प्रशासन की नीयत पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आक्रोश ट्रक यूनियन और डिस्पेंसरी क्षेत्र में हाल ही में एक दर्जन पेड़ काट दिए। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इन पेड़ों को हटाने की कोई आवश्यकता नहीं थी। यह वही जगह है जहां ग्रामीण लोग छाया में विश्राम करते थे और स्वच्छ हवा का लाभ लेते थे। पूर्व में बजरिया क्षेत्र में भी डिवाइडर निर्माण के नाम पर बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए थे, लेकिन वादा किए गए पुनःरोपण आज तक नहीं हुए। स्वास्थ्य और पर्यावरण पर असर पेड़ों की कटाई से न केवल तापमान संतुलन बिगड़ रहा है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट से समय-समय पर पेड़ों की सुरक्षा और पुनःरोपण को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन सवाई माधोपुर में इनका पालन नहीं हो रहा है। लोगों ने प्रशासन से यह रखी मांग... -शेष बचे पेड़ों को तत्काल बचाने के आदेश जारी हों -काटे गए पेड़ों की लकड़ी का पारदर्शी स्टॉक और सार्वजनिक विवरण उपलब्ध हो। -पुनःरोपण की लिखित और स्थान-आधारित नीति सार्वजनिक हो। -पुराने मामलों में जवाबदेही तय हो। Рекомендуем swm: विकास के नाम पर हरियाली का सफाया, स्वास्थ्य पर मंडराया खतरा посмотреть онлайн видео бесплатно и без регистрации!
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