2G केस में सभी आरोपी बरी, 'हवा' क्यों निकला देश का सबसे बड़ा घोटाला? — MahaBahas
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टू-जी, सीडब्ल्यूजी और कोलगेट । ये तीन घोटाले केंद्र में यूपीए-2 की सरकार के दौरान सामने आए थे, जिन्होंने 2014 आते-आते कांग्रेस की लुटिया डुबो दी । आज इन घोटालों में से एक टू-जी घोटाले की हवा निकल गई । दिल्ली में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने टू-जी घोटाले के सभी आरोपियों को बरी कर दिया । सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के जज ओ पी सैनी ने आज टू-जी घोटाले में सीबीआई के दो और ईडी के एक मुकदमे का फैसला सुनाया । इन मामलों में पूर्व संचार मंत्री ए राजा, डीएमके प्रमुख करुणानिधि की बेटी कनिमोझी, पूर्व संचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा समेत 17 हाई प्रोफाइल आरोपी थे, जिन्हें अदालत ने बरी कर दिया । स्पेशल कोर्ट के जज ओ पी सैनी ने करीब 22 सौ पेज के अपने फैसलों में लिखा है कि अभियोजन पक्ष ना तो रिश्वतखोरी की बात साबित कर पाया और ना ही भ्रष्टाचार का कोई आरोप साबित हुआ ।अदालत का ये फैसला आने के बाद डीएमके कार्यकर्ताओं ने दिल्ली से तमिलनाडु तक जश्न मनाना शुरू कर दिया । टू-जी घोटाले की कोर्ट में हवा निकलने के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच घमासान छिड़ गया । कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री कपिल सिब्बल ने मामला उजागर होते ही दलील दी थी कि सीएजी की रिपोर्ट गलत है । कोई घोटाला या नुकसान नहीं हुआ । उन्होंने आज फिर अपनी ज़ीरो लॉस थ्योरी याद दिलाई । उन्होंने आरोप लगाया कि गलत रिपोर्ट पेश करने के लिए तत्कालीन सीएजी विनोद राय को माफी मांगनी चाहिए । स्पेशल कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि कुछ अधिकारियों के सवाल उठाने और अनावश्यक सुझाव देने की वजह से टू-जी विवाद पैदा हुआ । इस विवाद से जुड़े लोगों के बीच जो लेन-देन हुई, वो लीगल थी । अब डीएमके राहत की सांस ले रही है । कांग्रेस मांग कर रही है कि बीजेपी माफी मांगे और बीजेपी दलील दे रही है कि इस फैसले का मतलब ये नहीं है कि कांग्रेस को सर्टिफिकेट मिल गया है । For More Information visit us: inkhabar.com/ Connect with us on Social platform at facebook.com/Inkhabar Connect with us on Social platform at twitter.com/Inkhabar Subscribe to our YouTube channel: youtube.com/user/itvnewsindia
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