पितृ पक्ष 2018 का हिंदू धर्म में महत्व | Pitru Paksha 2018 | श्राद्ध 2018 - अर्था | Shradh Paksh
Описание
पितरों का श्राद्ध करना हिंदू धर्म के लिए बहुत आवश्यक माना जाता है। माना जाता है यदि किसी मनुष्य का विधिपूर्वक श्राद्ध और तर्पण न किया जाए तो उसे इस लोक से मुक्ति नहीं मिलती। इस वीडियो में हम आपको पितृ पक्ष का महत्त्व बताने जा रहे हैं Don't forget to Share, Like & Comment on this video Subscribe Our Channel Artha : goo.gl/22PtcY १ पितृ पक्ष, सोलह दिनों का संपूर्ण कृष्ण पक्ष का कालावधि है, जो भाद्रपद महीने में होता है। इस कालावधि को पितरों को संतुष्ट करने के लिए समर्पित किया है २ यह अनंत चतुर्दशी की पूर्णिमा रात के बाद तुरंत शुरू होता है और सर्व पितृ अमावस्या या महालय अमावस्या पर समाप्त होता है ३ पितृ पक्ष के पहले दिन को श्राद्ध पूर्णिमा कहा जाता है, परंतु इस दिन श्राद्ध करना गलत है ४ यह हिंदुओं के लिए उनके पितरों (पूर्वजों) को श्रद्धांजलि देने के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण काल है ५ इस अवधि को पितृ श्राद्ध, पितृ पोक्खो, सोला श्राद्ध, कनागट, जितिया, अपरा पक्ष इन नामों से भी जाना जाता है ६ हिंदुओं का दृढ़ विश्वास है कि पूर्वजों (विशेषकर तीन पूर्ववर्ती पीढ़ी) की आत्माएं पितृ-लोक में रहती है ७ विश्वास के अनुसार, यह आत्माएं पितृ-लोक छोड़ कर पितृ पक्ष के समय उनके वंश के घरों में रहने आती है ८ इसलिए हिंदू इस कालावधि में इनको संतुष्ट करने का प्रयास करते है। परंपरागत रूप से, मृतक का पसंदीदा भोजन पहले दिन कौवे को दिया जाता है ९ बाद में पितृ पूजा की जाती है जिसमें पिंड दान और तर्पण समविष्ट होते जो आम तौर पर सर्व पितृ अमावस्या पर किये जाते है १० भारतीय संस्कृति के बारे में अधिक जानकारी के लिए हमारे यूट्यूब चॅनेल को सब्सक्राइब करें और हमारा फेसबुक पेज लाइक करें Like us @ Facebook - facebook.com/ArthaChannel/ Check us out on Google Plus - goo.gl/6qG2sv Follow us on Twitter - twitter.com/ArthaChannel Follow us on Instagram - instagram.com/arthachannel/ Follow us on Pinterest - in.pinterest.com/channelartha/ Follow us on Tumblr - tumblr.com/blog/arthachannel
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